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Sunday, March 27, 2011

reenakari: तन्हाई का क़र्ज़ है

reenakari: तन्हाई का क़र्ज़ है: " हार जीत की परवा तो कमज़ोर लोग करतें हैं ,सिखने के लिये &nbs..."

तन्हाई का क़र्ज़ है

 
हार  जीत  की  परवा  तो  कमज़ोर   लोग  करतें  हैं ,
सिखने  के  लिये  ही  ये  जिंदगी  पाई  है ,
जो  तन्हाई  में  ही  नज़र  आई  है ,
मेरी  तन्हाई  का   क़र्ज़  है   कितना  मुझ  पर  ,
ये  कैसे  बयां  करू  ,...
अब  इसी  पर  मैं  भरोसा  करू ,

reenakari: किसको अपना कहे

reenakari: किसको अपना कहे: " हम किसको अपना कहे , जिसको अपना कहा , वो ही साथ छोड़ चला , ... डर जाते हैं अब हम , सहम जाता है दिल , जबही अब कोई दस्तक देता है , ..."

किसको अपना कहे

 
हम किसको अपना कहे ,

जिसको अपना कहा ,

वो ही साथ छोड़ चला ,
...

डर जाते हैं अब हम ,

सहम जाता है दिल ,

जबही अब कोई दस्तक देता है ,

डर तो लगता हैं ,

अब तनहिया भी कही ,

साथ ना छोड़ जाये ,

Thursday, March 10, 2011

reenakari: वो भी कही से आती नही

reenakari: वो भी कही से आती नही: "किसी की रातो में सितारे भी ग़ज़ल गुनगुनाते हैं , &..."

reenakari: वो भी कही से आती नही

reenakari: वो भी कही से आती नही: "किसी की रातो में सितारे भी ग़ज़ल गुनगुनाते हैं , &..."

वो भी कही से आती नही


किसी  की  रातो  में  सितारे  भी  ग़ज़ल  गुनगुनाते  हैं ,
  तो  किसी   की  रातो  में   खमोशी सी  भी  पसरी  है  ,
   एक  आहट  को  तरसे   हैं ,वो  भी  कही  से  आती  नही  ,